{"product_id":"9788128821868","title":"21 Shreshth Kahaniyan (21 \u0026#2358;\u0026#2381;\u0026#2352;\u0026#2375;\u0026#2359;\u0026#2381;\u0026#2336; \u0026#2325;\u0026#2361;\u0026#2366;\u0026#2344;\u0026#2367;\u0026#2351;\u0026#2366;\u0026#2306;)","description":"प्रेमचंद ने हिन्दी कहानी को एक निश्चित परिप्रेक्ष्य और कलात्मक आधार दिया। उनकी कहानियां परिवेश बुनती है। पात्र चुनती है। उसके संवाद बिकल उसी भाव-भूमि से लिए जाते हैं जिस भाव-भूमि में घटना घट रही है। इसलिए पाठक कहानी के साथ अनुस्तुत हो जाता है। इसलिए प्रेमचंद यथार्थवादी कहानीकार हैं। लेकिन वे घटना को ज्यों का त्यों लिखने को कहानी नहीं मानते। यही वजह है कि उनकी कहानियों में आदर्श और यथार्थ का गंगा-यमुनी संगम है।\u003cbr\u003eकथाकार के रूप में प्रेमचंद अपने जीवनकाल में ही किंवदंती बन गए थे। उन्होंने मुख्यत ग्रामीण एवं नागरिक सामाजिक जीवन को कहानियों का विषय बनाया है। उनकी कथायात्रा में श्रमिक विकास के लक्षण स्पष्ट हैं, यह विकास वस्तु विचार, अनुभव तथा शिल्प सभी स्तरों पर अनुभव किया जा सकता है। उनका मानवतावाद अमूर्त भावात्मक नहीं, अपितु उसका आधार एक प्रकार का सुसंगत यथार्थवाद है।","brand":"Diamond Pocket Books Pvt Ltd","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48583253917937,"sku":"9788128821868","price":15.99,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0674\/5433\/7265\/files\/9788128821868_p0.jpg?v=1787144674","url":"https:\/\/shop.barnesandnoble.com\/products\/9788128821868","provider":"Barnes \u0026 Noble","version":"1.0","type":"link"}