{"product_id":"9789385193712","title":"Sisakti Jhelam","description":"सपना की दुर्दशा का बदला लेने के लिए एक खुदा से डरने वाले और सच्चे नमाजी नूर का खुद आतंकवादी बन जाना सच्चे अर्थो में प्रेम की इस परिभाषा को सार्थक करता है कि सच्चा एवं आत्मिक प्रेम मजहब, बिरादरी, हैसियत आदि अन्य सामाजिक विषमताओं की दीवारों की परवाह नहीं करता और इस उक्ति को चरितार्थ करता है कि \"प्रेम सिर्फ प्रेम होता है, इसके सिवा और कुछ नहीं होता।\" संक्षेप में सुश्री विमलेश गंगवार को एक रोचक और ज्वलंत उपन्यास के लिए अति साधुवाद। जहाँ आजकल कविता संग्रहों के सामने हिंदी में नए उपन्यास बहुत कम नजर आ रहे है उसके लिए भी उपन्यास लिखने के सार्थक एवं सफल प्रयास के लिए लेखिका बधाई की पात्र हैं।","brand":"Sanmati Publishers \u0026 Distributors","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48569977241841,"sku":"9789385193712","price":12.59,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0674\/5433\/7265\/files\/9789385193712_p0.jpg?v=1786857864","url":"https:\/\/shop.barnesandnoble.com\/products\/9789385193712","provider":"Barnes \u0026 Noble","version":"1.0","type":"link"}